सट्टेबाजी क्या है, इसके क्या नुकसान है और क्या इस पर कानून बनाना चाहिए

सट्टेबाजी क्या है और इसके क्या नुकसान है और क्या इसे भारत मे कानूनी हक मिलना चाहिए।

सट्टेबाजी का इतिहास भी क्रिकेट जितना ही पुराना है और आज कल जितना पैसा लोग क्रिकेट खेल कर या उससे जुड़े प्रोग्राम का हिस्सा बन कर कमाते हैं उसके बराबर ही लोग घर बैठे सट्टेबाजी करके कमा लेते है। लेकिन ये सट्टेबाजी एक गैरकानूनी काम है।


सट्टेबाजी क्या है-

सट्टेबाजी क्या है

सट्टेबाजी का सीधा-सीधा अर्थ है किसी भी चीज की पहले से भविष्यवाणी करना।

उदाहरण(क्रिकट में सट्टा)-  मान लीजिए कोई मैच चल रहा है और पहले बल्लेबाजी करने वाले टीम 18 ओवर में 159 रन बनाए है और अब आप अपने किसी दोस्त से कहते हैं कि ये टीम 20 ओवर में 200 रन बनायेगी और फिर आपका दोस्त कहता है कि नही ये सिर्फ 185 तक ही जा पायेगी और फिर आप इसमे पैसे की शर्त लगा देते है तो फिर यह एक प्रकार का सट्टा ही हुआ।


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सट्टेबाजी(फिक्सिंग) से क्या नुकसान है-

सट्टेबाजी

सट्टेबाजी एक तरह का जुआ है और जब आप जुआ खेलते है तो इसका प्रभाव आपके आस पास मौजूद सभी लोगो पर पड़ता है। सट्टेबाजी में ज्यादा पैसे होने की वजह से सटोरियों खिलाड़ियों से सम्पर्क करते है और उन पर मैच में गड़बड़ी करने का दबाव डालते है।

इन खिलाड़ियों के कारण खेल भावना भी आहत होती है और लोगो का क्रिकेट के लिए नजरिया भी बदलता है और फिर क्रिकेट देखने वाले फैन भी क्रिकेट को झूठा मानने लगते है जिसकी वजह से नए आने वाले खिलाड़ी भी एक जरूर सोचते है कि उन्हें क्या करना चाहिए।


मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग में क्या फर्क है-

Match Fixing And Spot Fixing

स्पॉट फिक्सिंग- स्पॉट फिक्सिंग में मैच के परिणाम का कोई फर्क नही पड़ता है क्योंकि स्पॉट फिक्सिंग किसी एक खिलाड़ी से भी करवाई जा सकती है स्पॉट फिक्सिंग उदाहरण- मान लीजिए कोई टीम को अंतिम ओवर में जीतने के लिए 20 रनों की आवश्यकता है और गेंदबाज ने पहली 4 गेंदों में मात्र 9 रन बनाए है और अंतिम 2 गेंदों में 11 रन की जरूरत है।

जिसमें से 1 गेंद में सिर्फ तीन रन आते हैं और फिर 1 गेंद में 8 रन की जरूरत है और फिर गेंदबाज लगातार 2 वाइड गेंद फेक देता है और आखिरी गेंद बहुत खराब फेकता है और दूसरी टीम को जीता देता है।

मैच फिक्सिंग-  मैच फिक्सिंग का प्रभाव पूरे मैच पर पड़ता है और इसकी वजह से कई बार मैच के परिणाम में भी बदलाव हो जाते हैं। मैच फिक्सिंग में 1 टीम के कहीं खिलाड़ी शामिल होते जो एक साथ मिलकर अपनी टीम के प्रदर्शन में गिरावट लाते हैं और टीम को मैच कराने का प्रयास करते हैं इसके लिए उन्हें बुकी पैसे देते है।


फिक्सिंग के तार आईपीएल से भी जुड़े है-

IPL Fixing

आईपीएल के 5वे सीजन में पहली बार आईपीएल में सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग के मामला सामने आया था जब 5 खिलाड़ियों(TP. सुन्दइन्द्र, मोहिंदर मिश्रा, अमित यादव, अभिलव बाली, शलभ श्रीवस्तव) ने आईपीएल में बुकी से पैसे लेकर स्पॉट फिक्सिंग करने की बात कबूल की जिसके कारण बीसीसीआई ने इन खिलाड़ियों के आजीवन क्रिकेट खेलने पर प्रतिबन्ध लगा दिया।

इसके बाद आईपीएल के 6वे सीजन में एक बार फिर 3 खिलाड़ियों(एस श्रीसंत,अजीत चंदेला,अंकित चौहान) पर स्पॉट फिक्सिंग करने के आरोप लगे। इनके अलावा राजस्थान रॉयल्स के सह मालिक राज कुंद्रा और चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक गुरुनाथ मयप्पन पर भी फिक्सिंग के आरोप लगे।

इस फिक्सिंग की जांच करने के बाद पता चला कि इसमें यह सभी शामिल थे और फिर एस श्रीसंत, अजीत चंदेला ओर अंकित चौहान को जेल की हवा खानी पड़ी और चेन्नई सुपर किंग्स के मालिक गुरुनाथ मयप्पन पर 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया और RR ले सह मालिक राज कुंद्रा पर आईपीएल में आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया।


फिक्सिंग से इंटरनेशनल क्रिकेट भी अलग नही है-

ENG vs PAK Fixing

2010 में पाकिस्तान के 3 खिलाड़ियों ने क्रिकेट को शर्मसार किया और इन्होंने बुकी मजहर मजीद के साथ मिलकर मैच फिक्सिंग की। इस मैच में मोहमद आमिर और आसिफ को नो बॉल फेकने के लिए पैसे दिए गए थे और इन दोनों ने मैच के दौरान नो बॉल फेंकी थी।

जांच में दोषी पाए जाने के बाद इन खिलाड़ियों पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में हिस्सा लेने पर पाबंदी लगा दी गई। इनमें सबसे ज्यादा सलमान बट को 10 साल और मोहम्मद आमिर और आसिफ को 5-5  साल के लिए किसी भी क्रिकेट टूर्नामेंट में बैन कर दिया।


सट्टेबाजी को भारत मे कानूनी अधिकार मिलना चाहिए या नही-

अगर वर्तमान में बन रही परिस्थितियों को देखा जाए तो सट्टेबाजी को भारत में बिल्कुल भी कानूनी अधिकार नहीं मिलना चाहिए क्योंकि अगर यह भारत में कानूनी हो गया तो और भी ज्यादा मैच फिक्सिंग की घटनाएं होगी उसके कारण लोगों का खेल से भरोसा उठ जाएगा।

लेकिन अगर दूसरा पहलू देखा जाए तो ये भारतीय सरकार के लिए बहुत फायदेमंद होगा क्योंकि अभी सट्टेबाजी का कारोबार बहुत बड़ा है और इसके हिसाब से देखा जाए तो भारतीय सरकार को इस से 20000 करोड़ का राजस्व मिलेगा जो देश के विकास में बहुत ज्यादा योगदान दे सकता है।

अब तो आप को पता चल गया होगा कि सट्टेबाजी क्या है और कैसे सट्टेबाज सट्टेबाजी करते है। सट्टेबाजी क्या है और इसके नुकसान भी अब आपको पता चल गए होंगे।

स्त्रोतwikipedia.org

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