पिच क्यूरेटर से लेकर फिरकी के फनकार बनने तक, ऐसी दिलचस्प है नाथन लियोन की कहानी

साल 2010 में ऑस्टेलियाई स्पिन गेंदबाज नाथन लियोन एडिलेड ओवल की ग्राउंड में ग्राउंड्स मैन के तौर पर काम किया करते थे

क्रिकेट के खेल में एक पिच क्यूरेटर की काफी बड़ी भूमिका मानी जाती है। एक पिच क्यूरेटर मैच से पहले मेजबान टीम की मांग पर उनकी मुफिद पिच देता है। पिच क्यूरेटर को पिच की ऐसी समझ हो जाती है कि वो अगर खुद खेलने चल पड़े तो उसका तो क्या कहना….

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वैसे आम तौर पर हमें पिच क्यूरेटर के क्रिकेटर बनने की किस्से सुनने को नहीं मिलते हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच खेली जाने वाली 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का एडिलेड में जब 6 दिसंबर को दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो उसमें एडिलेड के ग्राउंड्स मैन के साथ ही सपोर्टिंग पिच क्यूरेटर के काम के अंजाम देने वाला एक खिलाड़ी खेलने जा रहा है।

अब आपको लग रहा होगा कि आखिर दोनों टीमों में पिच क्यूरेटर कौन हो सकता है। तो आप अपने दिमाग पर जोर ना डालिए। इस राज से आज हम पर्दा उठा देते हैं।

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तो आपको बता दें कि एडिलेड टेस्ट मैच में जो खिलाड़ी खेलने जा रहा है जो एडिलेड की पिच के क्यूरेटर भी रह चुके हैं वो हैं ऑस्ट्रेलिया के स्पिन गेंदबाज नाथन लियोन…. जी हां…. नाथन लियोन एडिलेड ओवल की ग्राउंड में ग्राउंड्स मैन के तौर पर काम किया करते थे। ज्यादा पहले की बात नहीं है। साल 2010 तक तो नाथन लियोन ने एडिलेड के मैदान में ग्राउंड्स मैन के साथ ही पिच क्यूरेटर के सपोर्टिंग रोल की जिम्मेदारी को संभाला।

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लेकिन ग्राउंड्स मैन की नौकरी करते-करते एक बार नाथन लियोन को ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते हुए साउथ ऑस्ट्रेलिया के कोच डैरेन बैरी की नजर पड़ी। डैरेन बैरी लियोन की स्पिन गेंदबाजी से बड़े प्रभावित हुए और उन्होंने लियोन को अपनी टीम का हिस्सा बना लिया। फिर क्या था नाथन लियोन का करियर पूरी तरह से बदल गया।

ऑस्ट्रेलिया में घरेलू टी-20 क्रिकेट खेलते -खेलते नाथन लियोन को ऑस्ट्रेलिया की टीम का टिकट मिल गया और साल 2011 में ऑस्ट्रेलिया की टीम में जगह बनाने के बाद से अब तक वो ऑस्ट्रेलिया की फिरकी गेंदबाजी के प्रमुख हथियार बन चुके हैं।