इन पांच बड़े कारणों की वजह से विराट कोहली हो रहे हैं कप्तानी में फेल, सुधार नहीं किया तो भुगतना पड़ सकता है बड़ा खामियाजा

विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम दक्षिण अफ्रीकी दौरे के शुरुआती दो टेस्ट मैच हारकर फ्रीडम टेस्ट सीरीज हार चुकी है और तीसरे टेस्ट मैच में भारत की स्थिति नाजुक बनी हुई है

Sportzpari: दक्षिण अफ्रीका में जारी फ्रीडम सीरीज में मिली हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली की कप्तानी सवालों के घेरेेे में है। विराट कोहली ने अपनी कप्तानी में भारतीय सरजमीं पर परचम लहराया था लेकिन विदेशी सरजमीं पर जाते ही विराट कोहली की कप्तानी को ग्रहण लग गया। आज हम पांच ऐसे बिंदुओं पर बात करेंगे जिनके कारण विराट कोहली की कप्तानी सवालों के घेरे में आई है।

5. प्लेइंग इलेवन में हर मैच में बदलाव करना

Virat Kohli Test Playing 11
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भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने अब तक 35 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है और इस दौरान विराट कोहली एक बार भी लगातार दो टेस्ट मैचों में एक तरह की टीम नहीं चुनी है अर्थात विराट कोहली ने इन सभी 35 टेस्ट मैचों में अलग-अलग प्लेइंग इलेवन के साथ क्रिकेट खेला है। जोकि अपने आप में ही बहुत बड़ी बात है। इससे साफ जाहिर होता है कि विराट कोहली को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा कम है और वह खुद पर ज्यादा भरोसा करते हैं

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4. मैच में गेंदबाजों की स्थिति स्पष्ट नहीं

Indian Bowlers Bhuvaneshvar Kumar, Mohmmad Shami, Ishant Sharma, Umesh Yadav
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विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम में हर टेस्ट मैच में हमें बदलाव देखने को मिलते हैं और इन बदलावों की वजह से भारतीय टीम में कभी चार गेंदबाज, तो कभी 5 गेंदबाज खेलते हैं जिससे भारतीय टीम का संतुलन बिगड़ जाता है। इतना ही नहीं विराट कोहली ने बहुत से टेस्ट मैचों में चार गेंदबाज खिलाएं हैं जिनमें से दो तेज गेंदबाज और दो स्पिन गेंदबाज खिलाएं हैं। लेकिन हम सभी जानते हैं कि टेस्ट में जब तक गेंदबाजों की स्थिति स्पष्ट नहीं होगी तब तक टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकती है।

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3. हर मैच में आक्रामक होना सही नहीं है

Angry Virat Kohli
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पूरी दुनिया जानती है कि विराट कोहली वर्तमान क्रिकेट के सबसे आक्रमक खिलाड़ी हैं और इस बात का प्रमाण हमें कई बार मैदान पर और ड्रेसिंग रूम पर भी देखने को मिल जाता है। लेकिन क्रिकेट में ज्यादा आक्रामक खिलाड़ी होना भी अच्छा नहीं होता है क्योंकि अगर आप टीम के कप्तान हो और आपका स्वभाव गुस्सेला है तो बाकी खिलाड़ी आपसे बात करने से पहले दो बार जरुर सोचते हैं। जिससे टीम के प्लान में भी असर पड़ता है और खिलाड़ियों की रवैया और प्रदर्शन भी गिरता जाता है।

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2. मीडिया के सामने सभी बातें बोलना 

Virat Kohli Statement Before 3rd Test Match
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विराट कोहली मैदान पर जितने आक्रामक खिलाड़ी है उतने ही वह मैदान के बाहर हैं। विराट कोहली संवाददाताओं को संबोधित करते हुए ऐसी ऐसी बातें बोल देते हैं जो उन्हें मीडिया में नहीं बोलनी चाहिए। इतना ही नहीं विराट कोहली से जब मीडिया में सवाल पूछा जाता है तब वह उसका जवाब देते हुए बहुत सी बात गुस्सा भी हो जाते हैं। अगर विराट कोहली को मीडिया से बात करना नहीं आता है तो यह भी उनके कप्तानी करियर के लिए अच्छी बात नहीं है।


1. स्पिन गेंदबाज ऊपर भरोसा नहीं

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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जारी फ्रीडम सीरीज इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण है। आईसीसी गेंदबाजों की टेस्ट रैंकिंग में टॉप 5 में मौजूद भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा को तीनो टेस्ट मैचों में खास अहमियत नहीं दी गई है। लेकिन अगर भारतीय टीम को विदेशों में भी मैच जीतना होगा तो कप्तान कोहली को अपने स्पिन गेंदबाजों को भी टीम के साथ लेकर चलना पड़ेगा।

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