ASIAN GAMES 2018: पीवी सिंधु ने रचा इतिहास, एशियाड के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बनी

पीवी सिंधु ने महिला सिंगल्स में वर्ल्ड नंबर-2 अकाने यामागुची को हराया, अब फाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 ताई जू यिंग से होगा मुकाबला।

जकार्ता: इंडोनेशिया में जारी 18वें एशियाई खेलों के 9वे दिन भारत की नंबर एक शटलर पीवी सिंधु ने बैडमिंटन सिंगल्स के फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। पीवी सिंधु एशियन गेम्स में बैडमिंटन की किसी भी कैटेगरी के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय शटलर बन गईं हैं।

पीवी सिंधु ने सोमवार को महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में विश्व नंबर-2 जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 15-21, 21-10 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। अब फाइनल में पीवी सिंधु का मुकाबला दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी ताइवान की ताई जू यिंग से 28 अगस्त को होगा।

पीवी सिंधु और अकाने यामागुची के बीच कड़ी टक्कर का मुकाबला देखने को मिला। दोनो के बीच 65 मिनट तक खेल चला। इस मुकाबले का पहला गेम 23 साल की सिंधु ने जीता, तो दूसरा गेम जापानी खिलाड़ी के नाम रहा। सिंधु ने तीसरे गेम यामागुची को कोई मौका नहीं दिया और 21-10 से गेम जीत मैच खत्म कर दिया।

बता दे बैडमिंटन को 1962 में एशियाड में शामिल किया गया था। एशियन गेम्स में बैडमिंटन के 56 साल के इतिहास में भारत ने केवल ब्रॉन्ज मेडल ही जीता है। यह पहला मौका है जब एशियन गेम्स में बैडमिंटन में कोई भारतीय केे खिलाड़ी फाइनल में पहुंचा है।

सेमीफाइनल मे हारीं साइना, पहला ब्रॉन्ज जीता

इससे पहले साइना नेहवाल को सेमीफाइनल मुकाबले में चीनी ताइपे की खिलाड़ी ताई जू यिंग ने 21-17, 21-14 से पराजित किया। यह मुकाबला महज 36 मिनट तक ही चला। इस हार के बाद साइना को ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा। यह साइना का एशियाई खेलों में पहला पदक है।